अक्सर यूपीएससी (UPSC) की तैयारी शुरू करने वाले छात्र एक गलती करते हैं—वे NCERT किताबों को ‘स्कूल’ की तरह पढ़ते हैं, ‘प्रशासक’ की तरह नहीं। परिणाम यह होता है कि 6 महीने बाद भी उन्हें कुछ याद नहीं रहता।
यदि आप UPSC CSE 2026 (हिंदी माध्यम) को लक्ष्य बना रहे हैं, तो NCERT आपकी इमारत की नींव है। अगर नींव कमजोर हुई, तो उस पर ‘स्टैंडर्ड बुक्स’ का महल नहीं टिकेगा। आज हम चर्चा करेंगे कि कम समय में NCERT कैसे पढ़ें, क्या छोड़ें और रिविज़न वाले नोट्स कैसे बनाएं।
1. सबसे बड़ा सवाल: नई NCERT पढ़ें या पुरानी? (Old vs New)
बाजार में इस लेकर बहुत भ्रम है। आइए इसे हमेशा के लिए स्पष्ट करते हैं:
- इतिहास (History):
- कक्षा 11-12 (पुरानी): यदि आपको मेंस (Mains) परीक्षा में गहरी समझ चाहिए, तो पुरानी NCERT (प्राचीन – आर.एस. शर्मा, मध्यकालीन – सतीश चंद्रा, आधुनिक – बिपिन चंद्रा) सर्वश्रेष्ठ हैं। इनमें कहानियों जैसा प्रवाह है।
- कक्षा 6-12 (नई): प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) और ‘कला एवं संस्कृति’ (Art & Culture) के लिए नई NCERT बहुत महत्वपूर्ण हैं। इनमें तथ्य और बॉक्स में दी गई जानकारी सीधे परीक्षा में पूछी जाती है।
- सुझाव: समय कम है तो नई NCERT से शुरुआत करें, क्योंकि प्रीलिम्स पास करना पहली प्राथमिकता है।
- भूगोल (Geography):
- बिना किसी संदेह के नई NCERT (कक्षा 6 से 12) पढ़ें। कक्षा 11 की दोनों किताबें (भौतिक भूगोल और भारत का पर्यावरण) सबसे महत्वपूर्ण हैं।
- अर्थव्यवस्था, राजव्यवस्था और विज्ञान:
- केवल नई NCERT पढ़ें। इनमें डेटा और केस स्टडीज अपडेटेड हैं।
2. NCERT पढ़ने का ‘3-Reading’ फॉर्मूला
NCERT को उपन्यास की तरह एक बार पढ़कर न छोड़ें। इसे तीन चरणों में पढ़ें:
पहली रीडिंग (The Story Mode)
- उद्देश्य: विषय से परिचित होना।
- कैसे पढ़ें: पेंसिल हाथ में न लें। बस कहानी की तरह अध्याय को शुरू से अंत तक पढ़ें।
- नोट्स: इस चरण में नोट्स बिल्कुल न बनाएं। अगर आप पहली बार में नोट्स बनाएंगे, तो आप पूरी किताब ही छाप देंगे।
दूसरी रीडिंग (The Analysis Mode)
- समय: पहली रीडिंग के 2-3 दिन बाद।
- कैसे पढ़ें: अब हाथ में पेन या हाइलाइटर लें। साथ में UPSC का सिलेबस और पुराने प्रश्न पत्र (PYQs) रखें।
- क्या करें: केवल उन लाइनों को अंडरलाइन करें जो सिलेबस से जुड़ती हैं। उदाहरण के लिए, अगर भूगोल में ‘मानसून’ पढ़ रहे हैं, तो देखें कि प्रीलिम्स में क्या पूछा गया है।
तीसरी रीडिंग (Note Making Mode)
- समय: दूसरी रीडिंग खत्म होने के तुरंत बाद या अगले हफ्ते।
- कैसे पढ़ें: अब किताब बंद करें और खुद से पूछें—“इस चैप्टर में मैंने क्या सीखा?”
- एक्शन: केवल उन बिंदुओं के संक्षिप्त नोट्स बनाएं जो आपको याद रखने में कठिन लग रहे हैं या जो एग्जाम के लिए अति-महत्वपूर्ण हैं।
3. प्रभावी नोट्स कैसे बनाएं? (Art of Note Making)
NCERT के नोट्स बनाते समय ‘कॉपी-पेस्ट’ से बचें। आपके नोट्स ऐसे होने चाहिए कि एग्जाम से 2 घंटे पहले पूरा विषय रिवाइज हो जाए।
- फ्लोचार्ट और डायग्राम: पैराग्राफ लिखने के बजाय फ्लोचार्ट का उपयोग करें।
- उदाहरण: हड़प्पा सभ्यता का पतन -> बाढ़ -> सूखा -> विदेशी आक्रमण। इसे एक डायग्राम में दिखाएं।
- कीवर्ड्स (Keywords): पूरे वाक्य न लिखें। केवल मुख्य शब्द लिखें।
- गलत: “मौलिक अधिकार संविधान के भाग 3 में दिए गए हैं जो न्यायोचित हैं।”
- सही: मौलिक अधिकार -> भाग 3 -> न्यायोचित (Justiciable).
- इंटीग्रेटेड अप्रोच: भूगोल के नोट्स में मैप चिपकाएं और इतिहास के नोट्स में टाइमलाइन (Timeline) बनाएं।
4. किन विषयों की NCERT छोड़ सकते हैं?
समय बचाने के लिए स्मार्ट स्टडी जरूरी है:
- विज्ञान (Science): यदि आपका बैकग्राउंड साइंस का है, तो आप कक्षा 6 से 8 छोड़ सकते हैं। सीधे 9वीं और 10वीं पढ़ें।
- राजनीति विज्ञान (Polity): कक्षा 6 से 8 में बहुत बुनियादी बातें हैं। यदि आपके पास समय कम है, तो सीधे कक्षा 9 से 12 (विशेषकर कक्षा 11 – भारत का संविधान) पर फोकस करें।
प्रो टिप: एक बार में दो विषय लेकर चलें (जैसे: सुबह इतिहास, शाम को भूगोल)। इससे बोरियत नहीं होगी।
सिर्फ पढ़ने से काम नहीं चलेगा। हर चैप्टर खत्म करने के बाद उस विषय के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs) जरूर हल करें।
सफलता शॉर्टकट से नहीं, सही दिशा में की गई मेहनत से मिलती है। पढ़ते रहें, बढ़ते रहें!

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